हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: उम्रकैद घटाकर 14 साल की सजा
लखनऊ |उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दो महिलाओं पर एसिड हमला करके गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति की सजा में राहत देते हुए उम्रकैद को घटाकर 14 साल के कारावास में बदल दिया है। हालांकि अदालत ने उसकी दोष सिद्धि बरकरार रखी है।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर वकील की मदद से लिखवाना गलत नहीं माना जा सकता। कानूनी सहायता लेना हर व्यक्ति का अधिकार है और इससे रिपोर्ट की सच्चाई पर संदेह नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने प्रतापगढ़ निवासी जगदम्बा हरिजन की अपील पर यह फैसला सुनाया। सत्र न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को सही मानते हुए दोष बरकरार रखा, लेकिन आरोपी द्वारा पहले ही लगभग 14 वर्ष जेल में बिताने के आधार पर सजा कम कर दी।

एमपी में गेहूं MSP पर घमासान: ₹2700 प्रति क्विंटल की मांग ने पकड़ा जोर
Chhattisgarh में दंतेश्वरी मंदिर चोरी कांड का खुलासा
Chhattisgarh में धवईपानी-चिल्फी से सिमगा तक 4-लेन सड़क को हरी झंडी
Chhattisgarh में धान खरीदी पर छिड़ा पोस्टर वॉर, सियासत गरमाई
जादू-टोने के शक में युवक ने की बुजुर्ग महिला की हत्या
ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दुबई में फंसे महाकाल मंदिर के पुजारी
Pakistan Team: क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगा 50-50 लाख का जुर्माना? टी20 विश्वकप से बाहर होने पर PCB सख्त